1. मनुष्य क्या संचित करता है?
2. अर्थ कैसे संचित करता है?
3. कौन संचित करता है?
4. “मनुज” शब्द का अर्थ क्या है?
5. “कण-कण का अधिकारी” पाठ किस विधा का पाठ?
6. “कण-कण का अधिकारी” पाठ के कवि कौन हैं?
7. मानव का धन कहाँ पर है?
8. “रामधारी सिंह दिनकर” का जन्म कब हुआ?
9. “रामधारी सिंह दिनकर” का निधन कब हुआ?
10. “रामधारी सिंह दिनकर” का जन्म किस गाँव में हुआ?
11. ‘अर्थ पाप के बल से’ में ‘अर्थ’ का मतलब क्या है?
12. “छल” शब्द किसके लिए प्रयोग किया गया है?
13. नर-समाज का भाग्य क्या है?
14. भुजबल के सामने क्या झुके हुए हैं?
15. धरती और आकाश किसके सामने झुके हुए हैं?
16. नर-समाम का भाग्य किस पर निर्भर होना चाहिए?
17. किसका बड़ा महत्व होता है?
18. “पीछे मत जाने दो” का आशय क्या है?
19. कण-कण का अधिकारी कौन है?
20. “नर” -समाज का भाग्य एक है। (रेखांकित शब्द का सही तद्भव शब्द पहचानिए।)
21. “पृथ्वी” ही सब कुछ है। (रेखांकित शब्द का सही तद्भव शब्द पहचानिए।)
22. मानव पल-पल मेहनत करता है। (इस वाक्य में “क्रिया विशेषण शब्द” पहचानिए।)
23. मानव हमेशा सफल होता है। (इस वाक्य में “क्रिया विशेषण शब्द” पहचानिए।)
24. “उन्नीस सौ चहतर” (संख्या पहचानिए।)
25. सवा बीस
26. मेहनत ही सफलता ....... कुंजी है। (करक चिह्न पहचानिए।)
27. नर समाज का भाग्य एक है, वह श्रम, वह “भुजबल” है। (रेखांकित शब्द का समास पहचानिए।)
28. मेहनती ही “कण-कण” का अधिकारी है। (रेखांकित शब्द का समास पहचानिए।)
29. “पर्यावरण” की रक्षा करो। (रेखांकित शब्द का संधि-विच्छेद कीजिए।)
30. मानव ने अधिक धन “संचित किया” (रेखांकित मुहावरे का अर्थ पहचानिए।)
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